आमीन

खातिब ऐ तक़दीर लिख दे ये मेरी तक़दीर मे

मेरी सारी ज़िन्दगी गुज़रे गमे शब्बीर मे

आज तुम मानो न मानो देख लेना हश्र मे

मुर्तजा वाले ही होंगे साया ऐ ततहीर मे.